चतुर खरगोश और शेर/Chatur Khargosh Aur Sher- Panchtantra /2020

खरगोश और शेर
खरगोश और शेर

 

 

Chatur Khargosh Aur Sher- Panchtantra (चतुर खरगोश और शेर )

एक जंगल में एक शेर रहता था। वह रोज शिकार पर  निकलता और कहीं जानवरों को मारकर खा जाता था।वह छोटे बड़े किसी भी जानवर को नहीं छोड़ता था । जंगल के  सभी जानवर शेर से डरने लगे अगर शेर इस प्रकार से शिकार करता रहा तो एक दिन ऐसा आएगा कि जंगल में कोई भी छोटा या बड़ा जानवर नहीं बचेगा ।सारे जंगल में यह डर फैल गया  । अब शेर को रोकने के लिए कोई न कोई उपाय करना आवश्यक हो गया था । एक दिन जंगल के सारे जानवर इकट्ठा हो गए और इस समस्या पर सोचने लगे ।सभी ने मिलकर फैसला किया कि वह इस बारे में शेर से मिलने जाएंगे। अतः सभी जानवर इकट्ठे होकर शेर के पास गए । सभी जानवरों को अपनी ओर आता देख शेर घबरा गया और गरज कर बोला क्या बात है तुम सब यहां क्यों आ रहे हो । जानवर दल के नेता ने कहा महाराज हम आपके पास एक निवेदन लेकर आए हैं । आप जंगल के राजा है और हम आपकी प्रजा है। जब आप शिकार करने निकलते हैं तो बहुत जानवर मार डालते हैं । आप सभी को खा भी नहीं पाते । इस तरह से हमारी संख्या दिन-प्रतिदिन कम होती जा रही है । अगर ऐसा ही होता रहा तो कुछ दिनों में जंगल में आपके सिवाय और कोई भी नहीं बचेगा। प्रजा के बिना राजा भी कैसे रह सकता है।  यदि हम मर जाएंगे तो आप भी राजा नहीं रहेंगे । हम सभी चाहते हैं कि आप सभी हमारे राजा बने रहे। अतः आप से हमारी विनती है कि आप अपने घर पर ही रहा करें। हम हर रोज आपके के पास खाने के लिए एक जानवर भेज दिया करेंगे इस तरह से राजा और प्रजा दोनों ही चैन से रह सकेंगे । शेर को लगा कि जानवरों की बात में सच्चाई है और फिर उसे बिना शिकार के ही भोजन मिल जाएगा । उसने पल भर सोचा फिर बोला अच्छी बात है मैं तुम्हारे इस सुझाव को मान लेता हूं लेकिन याद रखना अगर किसी भी दिन तुमने मेरे खाने के लिए पूरा भोजन नहीं भेजा तो मैं जितने जानवर चाहूंगा मार डालूंगा ।। अब जानवरों के पास तो दूसरा कोई रास्ता नहीं था इसलिए उन्होंने शेर की शर्त मान ली और सभी अपने अपने घर को लौट गए ।

Chatur Khargosh Aur Sher- Panchtantra (चतुर खरगोश और शेर )

खरगोश और शेर
खरगोश और शेर

 

Chatur Khargosh Aur Sher- Panchtantra (चतुर खरगोश और शेर )

अब नियम के अनुसार हर रोज शेर के खाने के लिए एक जानवर भेजा जाने लगा । इसके लिए जंगल में रहने वाले सब  जानवरों में से एक एक जानवर बारी बारी से चुना जाता था।  कुछ दिन बाद खरगोश की बारी भी आ गई । शेर के भोजन के लिए  एक खरगोश को चुना गया वह खरगोश जितना छोटा था  उतना ही चतुर भी था

उसने सोचा यदि मैं शेर के पास चला जाऊंगा तो शेर मेरा शिकार कर लेगा । मुझे मरना तो है ही क्यों ने मुझे अपने प्राण बचाने के लिए कोई प्रयास करना चाहिए।

खरगोश धीरे-धीरे आराम से शेर के घर की ओर चल पड़ा। जब वह शेर के पास पहुंचा तो बहुत देर हो चुकी थी । भूख के मारे शेर का बुरा हाल हो रहा था। जब उसने सिर्फ एक छोटे से खरगोश को अपनी ओर आते देखा तो गुस्से से बौखला उठा और बोला किसने तुम्हें भेजा है।  एक तो तुम बहुत ही छोटे हो और ऊपर से इतनी देर से आ रहे हो जिस बेवकूफ ने तुम्हें यहां भेजा है मैं उन सब को आज ही मार  डालूंगा।

खरगोश ने झुककर ने कहा महाराज अगर आप मेरी बात सुन लेंगे तो आप मुझे और जंगल के दूसरे जानवरों को दोष नहीं देंगे । महाराज वह सब जानते थे कि एक छोटा सा खरगोश आपके भोजन के लिए पर्याप्त नहीं है इसलिए  6 खरगोशों को आपके भोजन के लिए भेजा था । लेकिन रास्ते में हमें एक दूसरा शेर मिला और उसने पांच खरगोशों को खा लिया मैं मुश्किल से अपनी जान बचाकर आपके पास आया हूं महाराज।

Chatur Khargosh Aur Sher- Panchtantra (चतुर खरगोश और शेर )

 

यह सुनकर शेर आग बबूला हो गया। उसने जोरों से  दहाड़ना शुरू कर दिया। वह दूसरा शेर कहां है?  “मुझे उसके पास ले कर चलो “

खरगोश ने कहा महाराज वह बहुत बड़ा और शक्तिशाली शेर है। उसने जमीन के अंदर एक गुफा बनाई हुई है उसने बाहर आकर  पांच खरगोश का शिकार कर लिया।   जब वह मेरा शिकार करने लगा तब मैंने कहा  आपने बड़ा ही अनर्थ कर दिया है । हम सभी खरगोशों को जंगल के राजा के पास भेजा गया था और  आपने बीच में ही  पांच खरगोशों का शिकार कर लिया महाराजा तुम्हें छोड़ेंगे नहीं।  हमारे महाराज बहुत ही शक्तिशाली है ।यह सुनकर वह बहुत क्रोधित हुआ और बोला कि “ मैं  ही जंगल का राजा हूं और इस जंगल के सभी प्राणी मेरी प्रजा है  मैं जैसा चाहो उनके साथ व्यवहार कर सकता हूं जिसे तुम अपना राजा मान रहे हो उसको मेरे सामने लेकर आओ मैं उसको मार डालूंगा मैं जंगल का सबसे शक्तिशाली शेर हूं मैं तुम्हें बताऊंगा असली राजा कौन है “

महाराज आपको लाने के लिए ही उसने मुझे यहां भेजा है । खरगोश की बात सुनकर शेर गुस्से से लाल हो गया।  उसने कहा कौन मूर्ख है ?वह कहां रहता है ? तुम जल्दी से मुझे उसके पास ले कर चलो मैं अभी उसको यमलोक पहुंचा देता हूं। जब तक मैं उसको नहीं मार देता हूं तब तक मुझे  चैन नहीं मिलेगा। इस पर खरगोश बोला “बिल्कुल महाराज उसकी यही सजा है यदि मैं  आपकी तरह शक्तिशाली होता तो खुद ही उस शेर को मार देता”

चलो रास्ता बताओ शेर  ने कहा किधर चलना है?

इधर आइए महाराज इधर , खरगोश ने कहा, खरगोश शेर को रास्ता बताते हुए एक कुए के पास लेकर चला गया और बोला महाराज  वह जमीन के नीचे एक किले में रहता है। जरा सावधान रहिए क्योंकि जमीन के अंदर छुपा हुआ दुश्मन खतरनाक होता है।

शेर ने कहा मैं उससे निपट लूंगा ,तुम यह बताओ  कि वह कहां है?

महाराज जब हमने उसे देखा था तब  वह यही बाहर खड़ा था । लगता है आपके आने के डर से अब नीचे किले में जाकर छुप गया है । आइए मैं आपको दिखाता हूं खरगोश ने कुए के पास जाकर शेर  को अंदर झांकने के लिए कहा  । शेर ने कुएं के अंदर झांका तो पानी में उसे अपनी छवि दिखाई दी। परछाई को देखकर शेर जोर से  दहाड़ा  कुए के अंदर से अपनी ही आवाज को वह दूसरे शेर की आवाज समझ बैठा। वह  दूसरे शेर को मारने के इरादे से कुएं में कूद गया। शेर कुएं के पानी में डूब कर मर गया।

 

खरगोश अपनी चतुराई से बहुत खुश हुआ उसने शेर से अपने प्राणों की रक्षा की और साथ ही जंगल के दूसरे जानवरों को भी शेर के डर से मुक्त करा दिया

उसने जंगल में  वापस लौट कर सभी को  शेर के मरने की सूचना दी जिसे सुनकर सभी जानवर खरगोश की प्रशंसा करने लगे अब जंगल में पहले की तरह खुशियां लौट आई थी

Chatur Khargosh Aur Sher- Panchtantra (चतुर खरगोश और शेर )

 

इस कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है कि कभी भी विपत्ति आने पर हमें घबराना नहीं चाहिए हमें विपत्ति में भी सोच समझकर चलना चाहिए  हम सभी विपत्ति को दूर करने में समर्थ हो सकते हैं

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